लिखू तो क्या लिखू

लिखू तो क्या लिखू 

नज़्म लिखुँ या पूरी गज़ल लिखू 

तेरे दीदार की मैं कोनसी अदा लिखू 

स्याही से नहीं अपने लहू से लिखू 

या अपने प्यार की पूरी किताब लिखू 

लिखू तो क्या लिखू 

ता उम्र गुजर ने तक तेरी तारीफ़ लिखू 

या दास्ताँ हमारे प्यार की लिखू 

वादियों मैं पनपती वो खिलखिलाहट लिखू

या  बिछड़े यादों की कहानी लिखू  

लिखू तो क्या लिखू 

टूटे क़समो की पुकार लिखू 

या नैनोसे बहते धारा की बरसात लिखू 

इश्क़ की बची ख्वाइशें लिखू 

या तुम्हें भूलने की कोई तरक़ीब लिखू 

लिखू तो क्या लिखू 

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